दिरिलिस एर्तुग्रुल कलाम (उर्दू ) - नोमान शाह बुखारी / Dirilis Ertugrul Kalam (Urdu) - Nomaan Shah Bukhari
अल-हय्यु हु अल्लाह अल-हक़्क़ हु अल्लाह एक अल्लाह से डरने वाले कलमा नबी का पड़ने वाले हैं दीन-ए-मुहम्मद के रखवाले शमए-रिसालत के मतवाले हैं रग रग में ईमान बसा है सीनों में क़ुरआन बसा है रब के आगे झुकनेवाले हैं राह-ए-हक़ के हैं हम राही देती है तारीख़ गवाही ज़ुल्म से बढ़ के लड़नेवाले हैं अल-हय्यु हु अल्लाह अल-हक़्क़ हु अल्लाह हम हैं ख़ातिमून-नबी की उम्मत हम पे ये उस रब की इनायत है ले के चले इस्लाम की दावत दिल में हर दम शौक़-ए-शहादत है कैसी भी आए दुश्वारी पूरी है अपनी तैयारी हम न कहीं भी रुकनेवाले हैं चट्टानों जैसे हैं इरादे वक़्त पड़े तो ये दिखलादें हम न कहीं भी झुकनेवाले हैं अल-हय्यु हु अल्लाह अल-हक़्क़ हु अल्लाह हिम्मत को हथियार बनाएं परचम हक़ का हम तो उठाए हैं दुश्मन जितने जाल बिछाए हम पे उस रहमत के साए हैं गहवारा इस्लाम अमन का हम तो ये पैग़ाम अमन का दुनिया तक पहुँचाने आए हैं हम हैं हक़ की वो शमशीरें जिन से टूटेंगी ज़ंजीरें बातिल को समझाने आए हैं अल-हय्यु हु अल्लाह अल-हक़्क़ हु अल्लाह फिर से माज़ी को दोहरा दो क़ैसर-ओ-किसरा याद करा दें हम ख़ैबर को ...